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खलारी में दर्दनाक हादसा,कमरे में दम घुटने से मजदूर की मौत, दो मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया।।

खलारी में दर्दनाक हादसा,कमरे में दम घुटने से मजदूर की मौत, दो मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया।।

रिपोर्टर/राशीद अंसारी 

खलारी। खलारी के एनके एरिया स्थित केडीएच पुराने डिजी सेट भवन में मरम्मत कार्य करने आए 32 वर्षीय मजदूर जियाउल अंसारी की संदिग्ध परिस्थितियों में दम घुटने से मौत हो गई। घटना से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतक रामगढ़ जिला के रजरप्पा थाना क्षेत्र अंतर्गत जरियों गांव का निवासी था। उसके परिवार में पत्नी और दो छोटे-छोटे बच्चे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जियाउल अंसारी अन्य मजदूरों के साथ भवन में रिपेयरिंग कार्य के लिए आया हुआ था। शुक्रवार की रात वह साथियों के साथ भोजन करने के बाद अपने कमरे में सोने चला गया। सुबह काफी देर तक जब उसने दरवाजा नहीं खोला तो साथियों को अनहोनी की आशंका हुई। कई बार आवाज देने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

साथी मजदूरों ने कमरे के पीछे बने एक छोटे छेद से झांककर देखा तो वह अपने बिस्तर पर अचेत अवस्था में पड़ा था। इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही खलारी पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला। आनन-फानन में उसे डकरा केंद्रीय अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला दम घुटने से मौत का प्रतीत हो रहा है। जिस कमरे में वह सोया था, वहां एक बुझा हुआ कोयले का चूल्हा पाया गया। आशंका जताई जा रही है कि कोयले के जलने से कमरे में जहरीली गैस भर गई, जिससे ऑक्सीजन की कमी हो गई और उसकी जान चली गई। बताया गया है कि मृतक ने उल्टी भी की थी, जो दम घुटने की आशंका को और मजबूत करता है।

घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन डकरा अस्पताल पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मजदूर नेता अब्दुल्ला अंसारी को घटना की जानकारी मिलते ही वे भी अस्पताल पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। उनकी पहल पर काम करा रहे ठेकेदार द्वारा मानवता के नाते मृतक के आश्रितों को 1 लाख 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

खलारी पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए रांची रिम्स भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अस्थायी रूप से रहने वाले मजदूरों के लिए सुरक्षित आवास और पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था क्यों नहीं की जाती। थोड़ी सी लापरवाही ने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं।

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